Water Lilies

भारत-यूके जलकेंद्र (IUKWC) का लक्ष्य भारत और यूके जल शोधकर्ताओं, जल नीति निर्धारकों एवं जल कारोबारियों के बीच दीर्घकालीन साझेदारी के तहत और बातचीत हेतु मंच स्थापित करने के क्रम में एन.ई.आर.सी - एम.ओ.ई.एस के बीच जल सुरक्षा अनुसंधान पर सहकार्यता और सहयोग को बढ़ावा देना है।

आईयूकेडब्ल्यूसी कार्यशालाएं

भारत-यूके जल केंद्र द्वारा हिमालय क्षेत्र में वर्षा पूर्वानुमानों एवं जलवायु की पूर्व-सूचनाओं को घाटी के स्तर पर जल विज्ञान संबंधी प्रतिमानन के साथ एकीकृत करना नामक विषय पर 2-4 मई 2018 को भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून, भारत में तीन दिवसीय एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

आईयूकेडब्ल्यूसी समाचार

भारत-यूके जल केंद्र (आईयूकेडब्ल्यूसी) के द्वारा 23 से 25 जनवरी 2018 के बीच कोच्चि में आयोजित एक तीन दिवसीय कार्यक्रम में छह दक्षिणी राज्यों के राज्य स्तर की जल नीति तथा प्रबंधन निकायों को भारत और ब्रिटेन के अग्रणी जल वैज्ञानिकों को एक साथ लाया गया। यह कार्यक्रम पहली बार केंद्र की योजनाबद्ध श्रृंखला में उपयोगकर्ता सहभागिता पहल के तहत किया गया था, जो कि नीति निर्माताओं, नियामकों और वाणिज्यिक कंपनियों के साथ वैज्ञानिकों को एक साथ लाने के लिए अभिकल्पित किया गया है ताकि संयुक्त भारत-यूके के जल सुरक्षा विज्ञान के उपयोगकर्ताओं के लिए संचार का समर्थन किया जा सके। यह आयोजन आईयूकेडब्ल्यूसी द्वारा प्लायमाउथ समुद्री प्रयोगशाला, ब्रिटेन और नानसेन पर्यावरण अनुसंधान केंद्र, कोच्चि के सहयोग से किया गया था।

आईयूकेडब्ल्यूसी के शोधकर्ता आदान -प्रदान योजनाएं भारतीय विशेषज्ञों के लिए ब्रिटेन या ब्रिटेन के विशेषज्ञों के लिए भारत का दौरा करने के लिए अवसर प्रदान करते हैं ताकि अनुसंधान विचारों को खोज के लिए समय व्यतीत करना, अनुसंधान विधियों में क्षमता या प्रशिक्षण का निर्माण, या नवीनतम निष्कर्षों का आदान प्रदान किया जा सके। आदान प्रदान का पहला दौर 2017 के वसंत में किया गया था और पहली गतिविधि रिपोर्ट अब उपलब्ध है।