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भारत-ब्रिटेन जल केंद्र से समाचार और वर्तमान गतिविधियां।हमारे समाचार पत्र के माध्यम से समाचार अपडेट प्राप्त करने के लिए ओपन नेटवर्क पर साइन-अप करें।

आईयूकेडब्ल्यूसी समाचार

भारत-यूके जल केंद्र (आईयूकेडब्ल्यूसी) के द्वारा 23 से 25 जनवरी 2018 के बीच कोच्चि में आयोजित एक तीन दिवसीय कार्यक्रम में छह दक्षिणी राज्यों के राज्य स्तर की जल नीति तथा प्रबंधन निकायों को भारत और ब्रिटेन के अग्रणी जल वैज्ञानिकों को एक साथ लाया गया। यह कार्यक्रम पहली बार केंद्र की योजनाबद्ध श्रृंखला में उपयोगकर्ता सहभागिता पहल के तहत किया गया था, जो कि नीति निर्माताओं, नियामकों और वाणिज्यिक कंपनियों के साथ वैज्ञानिकों को एक साथ लाने के लिए अभिकल्पित किया गया है ताकि संयुक्त भारत-यूके के जल सुरक्षा विज्ञान के उपयोगकर्ताओं के लिए संचार का समर्थन किया जा सके। यह आयोजन आईयूकेडब्ल्यूसी द्वारा प्लायमाउथ समुद्री प्रयोगशाला, ब्रिटेन और नानसेन पर्यावरण अनुसंधान केंद्र, कोच्चि के सहयोग से किया गया था।

आईयूकेडब्ल्यूसी के शोधकर्ता आदान -प्रदान योजनाएं भारतीय विशेषज्ञों के लिए ब्रिटेन या ब्रिटेन के विशेषज्ञों के लिए भारत का दौरा करने के लिए अवसर प्रदान करते हैं ताकि अनुसंधान विचारों को खोज के लिए समय व्यतीत करना, अनुसंधान विधियों में क्षमता या प्रशिक्षण का निर्माण, या नवीनतम निष्कर्षों का आदान प्रदान किया जा सके। आदान प्रदान का पहला दौर 2017 के वसंत में किया गया था और पहली गतिविधि रिपोर्ट अब उपलब्ध है।

आईयूकेडब्ल्यूसी, इसके पम्प परिभ्रमण परियोजना  पहल के तहत हाल में ही " भारत में जल-जलवायूवी सेवाओं में हितधारक वचनबद्धता " पर एक परियोजना को वित्त मंजूर किया गया था। इस परियोजना का नेतृत्व यूके में एंग्लिया रस्किन विश्वविद्यालय में ग्लोबल स्थिरता संस्थान के डॉ ज़रीन भरूचा द्वारा किया जाता है और इसका उद्देश्य जल-जलवायु सेवाओं (एचसीएस) के विकास से संबंधित मौजूदा प्रथाओं, चुनौतियों एवं भविष्य के अवसरों की समीक्षा करना है। यह परियोजना विशेष रूप से भारतीय सूखे इलाकों में सूखा-प्रभावित कृषि-पारिस्थितिकी प्रणालियों में इस्तेमाल एचसीएस पर केंद्रित है।

tree where the leaves are different forms of communication

आईयूकेडब्ल्यूसी ओपन नेटवर्क, जल सुरक्षा में शोध संबंधी हितों के साथ ब्रिटेन या भारत में स्थित व्यक्तियों और संगठनों के ऑनलाइन, खोज योग्य डेटाबेस है।यह भारत-यूके जल केंद्र द्वारा संचार प्रसारित करने, नई गतिविधियों के लिए कॉलों को प्रसारित करने और कमीशन की गतिविधियों के लिए प्रतिभागियों की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को पंजीकृत करने के लिए नेटवर्क खुला है।

यह नई प्रतियोगिता जैव प्रौद्योगिकी विभाग के साथ साझेदारी में न्यूटन-भाभा फंड कार्यक्रम, इनोवेट यूके और रिसर्च काउंसिल (जैव प्रौद्योगिकी और जैव विज्ञान अनुसंधान परिषद और इंजीनियरिंग और भौतिक विज्ञान अनुसंधान परिषद) के भाग के रूप में चल रही है, जो भारत में औद्योगिक अपशिष्ट को कम करने के लिए समाधान हेतु प्रस्ताव आमंत्रित कर रही है।

आईयूकेडब्ल्यूसी के प्रथम 'उपयोगकर्ता वचनबद्धता पहल' के विकास के लिए किये गए सर्वेक्षण का परिणाम

मई 2017 में, आईयूकेडब्ल्यूसी ने अपने ओपन नेटवर्क के सदस्यों की प्राथमिकताओं को भारतीय जल क्षेत्र में हितधारक वचनबद्धता पर पहचाने जाने के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण शुरू किया। वोटों और टिप्पणियों का संपूर्ण विश्लेषण क्षेत्रीय स्तर की जल नीति और प्रबंधन निकाय के साथ संलग्न होने की जरूरी आवश्यकता पर प्रकाश डाला