wastewater pipes

आईयूकेडब्ल्यूसी उपयोगकर्ता सहभागिता पहल के निर्देशन के जरिए भारत-यूके जल अनुसंधान के उपयोगकर्ताओं को स्थानांतरण एवं संचार संबंधी नतीजों के लिए सहायता प्रदान करता है। ये पहल भारत-यूके विज्ञान के परिणामों को नीति / परिचालन-संबंधी कार्यप्रणाली में स्थानांतरित करने पर केंद्रित है तथा नीति निर्माताओं, नियामकों या व्यावसायिक कंपनियों के साथ वैज्ञानिकों को एक साथ लाने के लिए अभिकल्पित(डिज़ाइन) किया गया है यानी :
अ) भारत-यूके जल सुरक्षा विज्ञान के उपयोगकर्ताओं के लिए स्थानांतरण एवं संचार में सहायता प्रदान करना या
ब) भावी अनुसंधान एवं नई खोज हेतु हितधारक की जरूरतों के लिए निविष्ट(इनपुट) एकत्र करना।

एक विशिष्ट संगठन के लिए उपयोगकर्ता सहभागिता पहल विज्ञान-संबंधी प्रतिफलों को प्रस्तुत करने के लिए वैज्ञानिकों की एक छोटी संख्या द्वारा एक-दिवसीय ज्ञान विनिमय सम्मेलन या अधिक लक्षित हितधारक मिशनों का रूप ले सकती हैं। इन पहलों के विषय आईयूकेडब्ल्यूसी द्वारा निर्देशित किए जाते हैं तथा आम तौर पर एक कार्यशाला / शोधकर्ता के आदान-प्रदान या उपयोगकर्ता समुदाय से एक विशिष्ट अनुरोध के द्वारा प्रतिफल का निर्माण करते हैं। सभी उपयोगकर्ता सहभागिता पहलों में कम से कम एक यूके तथा एक भारतीय सहयोगी गतिविधि नेतृत्व के रूप में सम्मिलित होना चाहिए।

उपयोगकर्ता सहभागिता घटनाओं में उपस्थित विशेषज्ञों की अपेक्षाएं

हितधारकों के साथ प्रभावी ढंग से संलग्न होने तथा विज्ञान का व्यवहारिक रूप में रूपांतरण करने में आई रुकावटों की पहचान करना :
  • ताजे पानी की निगरानी में उनके पूर्ववर्ती संयुक्त भारत-यूके अनुसंधान की उपयोगिता को दर्शाना।
  • अपने अनुसंधान क्षेत्र की वर्तमान क्षमताओं को अधिक व्यापक रूप से दर्शाने हेतु , हितधारकों के लिए संभावित लाभों एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी देना।
  • एक सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुतियों की प्रतिपादन(डिलीवरी) सुनिश्चित करने के लिए और, जहां संभव हो, साधनों / उपकरण / निष्कर्षों के प्रायौगिक प्रदर्शन प्रदान करें।
  • हितधारकों के साथ बातचीत करने और वैज्ञानिक प्रतिफलों(आउटपुट) के सह उत्पादन के लिए विचारों की खोज करना।

उपयोगकर्ता सहभागिता घटनाओं में उपस्थित हितधारकों की अपेक्षाएं

जमीनी स्तर पर अपनी उपयोगिता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक प्रतिफलों (आउटपुट) के सह उत्पादन में योगदान करना :
  • ताजे पानी की निगरानी में विज्ञान संबंधी प्रतिफलों के वर्तमान उपयोग को प्रस्तुत करना एवं उनकी सीमाएं तय करना।
  • बेहतर मीठे पानी की निगरानी में तकनीकी जरूरतों तथा वर्तमान एवं भविष्य विज्ञान के बारे में संवाद के लिए सुविधा प्रदान करना।
  • उपर्युक्त जरूरतों को पूरा करने तथा सहयोग हेतु विचारों का खोज करने के लिए सर्वोत्तम तरीकों पर वैज्ञानिकों से बातचीत करना।

उपयोगकर्ता सहभागिता पहल

अनुसंधान तथा प्रबंधन के लिए मीठे पानी की निगरानी तंत्रों एवं आंकड़ों को सुधारने के संबंध में क्षेत्रीय स्तर के जल नीति और प्रबंधन निकायों के साथ जुड़ने हेतु आईयूकेडब्ल्यूसी, अपने उपयोगकर्ता सहभागिता पहल (यूईआई) कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी 2018 में कोच्चि, केरल, भारत में एक कार्यशाला के आयोजन की मेजबानी किया। लक्षित गतिविधियों का संचालन विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा किया गया था जिन्हें उनकी विशेषज्ञता और आईयूकेडब्ल्यूसी के ओपेन नेटवर्क प्रोफ़ाइल के आधार पर चुना गया था