The Ganges

आईयूकेडब्ल्यूसी कार्यशालाएं भारत या युके में आयोजित की जाती हैं तथा वैज्ञानिकों को एक साथ लाती हैं किसी विशेष क्षेत्र में ज्ञान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने हेतु; संयुक्त अनुसंधान के लिए भावी आवश्यकताओं व विचारों की पहचान करना और / या प्रशिक्षण विनिमय प्रदान करना एवं आगे जल सुरक्षा विज्ञान में वैज्ञानिक कौशल का विकास करना।

विज्ञान कार्यशाला द्विवार्षिक ओपन / फोकस्ड कॉल्स का हिस्सा हैं, जिसके लिए समुदाय विषयों का प्रस्ताव कर सकता है। बहरहाल, केंद्र प्रबंधन बोर्ड, सीधे कार्यशालाओं की कमीशन का अधिकार सुरक्षित रखता है जहां आवश्यक गतिविधियों के फैसले को सुनिश्चित करना या उस समय वर्तमान प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करना आवश्यक है। कार्यशालाओं के सफल प्रस्तावकों को आयोजन को चलाने, अपने कार्यक्रम को परिभाषित करने, प्रतिभागियों को चुनने में मदद करने और किये हुए काम लेखा जोखा का एवं रिपोर्ट तैयार करने के लिए जिम्मेदार हैं। केंद्र वित्तपोषण और साजो सामान में सहायता प्रदान करता है और इस कार्यक्रम के लिए सहमत है, कार्यशाला के लिए प्रतिभागियों और आयोजन की विपणन को शामिल करता है।

केन्द्र की कार्यशालाओं में भाग लेने के लिए आवेदन हेतु जहाँ उपयुक्त लगे खुला निमंत्रण प्रकाशित होते हैं। एक प्राथमिकता मानदंड के आधार पर प्रतिभागियों को गतिविधि लीड्स द्वारा चुना जाता है। मानदंड आवेदक के शोध क्षेत्र के अनुभव / प्रासंगिकता, उनके प्रेरणा और कार्यशाला के उद्देश्य में अपेक्षित योगदान और उपस्थिति से होने वाले संभावित लाभ के बारे में जानकारी लेते हैं। आईयूकेडब्ल्यूसी का भी उद्देश्य संगठनों में प्रतिभागियों के प्रसार को सुनिश्चित करना है।

आईयूकेडब्ल्यूसी कार्यशालाएं

भारत-यूके जल केंद्र द्वारा हिमालय क्षेत्र में वर्षा पूर्वानुमानों एवं जलवायु की पूर्व-सूचनाओं को घाटी के स्तर पर जल विज्ञान संबंधी प्रतिमानन के साथ एकीकृत करना नामक विषय पर 2-4 मई 2018 को भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून, भारत में तीन दिवसीय एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

भारत-यूके जल केंद्र ने 19-21 जून, 2017 में पृथ्वी अवलोकन के माध्यम से मीठे पानी की निगरानी बढ़ाने नामक विषय पर कार्यशाला का आयोजन यूके के स्टर्लिंग शहर में किया गया।

भारत-यूके जल केंद्र ने 29 नवंबर से 1 दिसंबर 2016 तक जल सुरक्षा के लिए जल- जलवायु सेवाएं विकसित करना नामक विषय पर कार्यशाला का आयोजन भारत के पुणे शहर में किया गया।