यूईआई १ : अनुसंधान तथा प्रबंधन के लिए मीठे पानी की निगरानी तंत्रों एवं आंकड़ों को सुधारना

user engagement initiative

भारतीय गतिविधि में अग्रणी नाम: 

डॉ अतुल कुमार सहाय

भारतीय गतिविधि में अग्रणी संस्थान: 

भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे, भारत

यूके गतिविधि में अग्रणी नाम: 

डॉ हैरी डिक्सन

यूके गतिविधि में अग्रणी संस्थान: 

सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड हाइड्रोलॉजी (सीईएच), वॉलिंगफर्ड, यूके

अनुसंधान तथा प्रबंधन के लिए मीठे पानी की निगरानी तंत्रों एवं आंकड़ों को सुधारने के संबंध में क्षेत्रीय स्तर के जल नीति और प्रबंधन निकायों के साथ जुड़ने हेतु आईयूकेडब्ल्यूसी, अपने उपयोगकर्ता सहभागिता पहल (यूईआई) कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी 2018 में कोच्चि, केरल, भारत में एक कार्यशाला के आयोजन की मेजबानी किया। लक्षित गतिविधियों का संचालन विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा किया गया था जिन्हें उनकी विशेषज्ञता और आईयूकेडब्ल्यूसी के ओपेन नेटवर्क प्रोफ़ाइल के आधार पर चुना गया था

भारत में क्षेत्रीय जल नीति एवं प्रबंधन निकायों के साथ सहभागिता की आवश्यकता है

आईयूकेडब्ल्यूसी ने अपने पहले यूईआई की योजना बनाने के लिए अपने ओपेन नेटवर्क के भारत-यूके जल वैज्ञानिकों के सदस्यों से प्रतिक्रिया(फीडबैक) लिया। सर्वेक्षण के परिणाम क्षेत्रीय स्तर के हितधारकों के साथ मिलकर उसकी उपलब्धता पर जागरूकता बढ़ाने तथा ताजे पानी की निगरानी सुधारने के लिए मौजूदा वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों और तंत्रों की व्यावहरिकता बढ़ाने के महत्व को उजागर करते हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, हितधारकों को विकासशील विज्ञान संबंधी ज्ञान की क्षमता के साथ-साथ जोखिमों तथा सीमाओं का पूरी तरह से समझने की आवश्यकता है। अंतिम उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने तथा पार-क्षेत्रीय(क्रॉस-सेक्टोरल) समाधान प्राप्त करने के लिए हितधारकों को विकसित कार्यकर्ताओ, जल व्यवसायियों, सामाजिक वैज्ञानिकों आदि जैसे अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है। चयन सर्वेक्षण के परिणामों पर एक विस्तृत रिपोर्ट यहां पाई जा सकती है।

इस घटना पर ध्यान देने वाले हितधारक समूह इस प्रकार हैं:

  • जल नीति के विकास तथा मीठे पानी के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों के लिए, राज्य / जिला स्तर के संगठन जिम्मेदार हैं। उदाहरणों में शामिल हैं: राज्य पर्यावरण अधिकारी, राज्य पर्यावरण एजेंसियां, राज्य जल बोर्ड, नगर पालिकाओं, अंतर-नगरपालिका निकाय, नदी बेसिन अधिकारियों, क्षेत्रीय पर्यावरण विकास एजेंसियों इत्यादि।
  • क्षेत्रीय स्तर पर हितधारकों, जो कार्यान्वयनकर्ताओं तथा नियामकों के साथ नीति निर्माताओं को जोड़ते हैं; वे उपलब्ध विज्ञान संबंधी ज्ञान (जल-जलवायु सेवाएं) की पहचान एवं उसकी व्याख्या के लिए जिम्मेदार हैं, इसकी उपयोगिता को पहचानना तथा कानूनी एवं नीतिगत उपकरणों का पालन सुनिश्चित करते हुए स्थानीय स्तर पर इसके प्रसार की सुविधा प्रदान करते हैं। उदाहरण: क्षेत्र में किसानों के लिए या आपदा प्रबंधन दल के लिए जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करें।

क्षेत्रीय हितधारकों एवं वैज्ञानिकों के बीच सहभागिता विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी कर्ताओं(एक्टर) के पदक्रम तथा कार्यों, इन कर्ताओं(एक्टर) के बीच सूचना के प्रवाह की प्रक्रिया और उनकी अनुसंधान समुदाय से प्रेरणाएं, जरूरतों एवं अपेक्षाएं की समझ को पोषित करने में मदद करती है

बैठक के प्रतिफल

हाल ही में मीठे पानी की निगरानी में संयुक्त भारत-यूके के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का कुशल विस्तार इस यूईआई के आयोजन का मुख्य प्रतिफल था। साथ में शामिल है:

  • नवीनतम विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर क्षेत्रीय-विशेष अनावरण (आवश्यकताएं और सीमाएं जल प्रबंधन में क्षेत्र से भिन्न होती हैं)
  • उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया तंत्र बनाना।
  • संबंधित जल प्रबंधन क्षेत्रों में उपलब्ध प्रौद्योगिकियों की जागरूकता।
  • विभिन्न क्षेत्रों और संबंधित उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया में पानी से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के आवेदन पर जल संक्षिप्त का प्रकाशन।

गतिविधि का तिथि पंचांग: 

मंगलवार, जनवरी 23, 2018 to बृहस्पतिवार, जनवरी 25, 2018

Google map location: 

Kochi, Kerala